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सर्दियों में घूमने के लिए 5 बजट फ्रेंडली हिल स्टेशन, ठंड का मज़ा और जेब पर बोझ नहीं!

सर्दियों की सैर ठंड में घूमने का सबसे सही वक्त

सर्दियां भारत में ऐसी ऋतु है जब हर किसी का मन पहाड़ों की ओर भागता है। बर्फ से ढके पहाड़, धुंध से लिपटी सुबहें, गरम चाय की चुस्की और सर्द हवा का स्पर्श इन सब में दिल मचल जाता है। यह माना जाए की इस मौसम में घूमने का मज़ा दोगुना हो जाता है तो ज्यादा नहीं होगा। लेकिन बहुत लोग सोचते हैं कि हिल स्टेशन की ट्रिप जेब पर भारी पड़ती है। जबकि सच्चाई यह है कि अगर आप थोड़ी समझदारी से ट्रिप प्लान करें, तो सर्दियों की खूबसूरत ट्रिप बेहद सस्ते में हो सकती है। भारत में कई ऐसे हिल स्टेशन हैं जो खूबसूरती के साथ-साथ बजट में भी फिट बैठते हैं। यहां आप न सिर्फ नेचर का असली रंग देख सकते हैं, बल्कि लोकल लोगों की संस्कृति, खानपान और सादगी का आनंद भी उठा सकते हैं। सर्दियों की ठंड में पहाड़ों पर घूमना शरीर को तरोताजा कर देता है। ऐसे में अगर आप सर्दियों की छुट्टियों में कम खर्च में यादगार ट्रिप का मज़ा लेना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए ये 5 बजट फ्रेंडली हिल स्टेशन आपकी ट्रैवल लिस्ट में जरूर होने चाहिए।

हिल स्टेशन

कसौली, शांति और सादगी का ठिकाना

हिमाचल प्रदेश की गोद में बसा कसौली एक छोटा लेकिन बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन है। यह उन लोगों के लिए परफेक्ट जगह है जो शोर-शराबे से दूर, शांति में कुछ दिन बिताना चाहते हैं। सर्दियों में कसौली का तापमान 5 से 10 डिग्री के बीच रहता है, जिससे यहां की ठंड रोमांचक लगती है। सुबह की धुंध और शाम की ठंडी हवा यहां के माहौल को एकदम जादुई बना देती है। कसौली में घूमने के लिए बहुत कुछ है जैसे गिल्बर्ट ट्रेल, क्राइस्ट चर्च, मंकी पॉइंट, और सनसेट व्यू पॉइंट जैसी जगहें यहां की पहचान हैं। इन जगहों पर जाने के लिए किसी बड़े खर्च की जरूरत नहीं पड़ती। लोकल बस से या पैदल घूमना ही यहां का असली आनंद है। अगर बात बजट की करें तो कसौली में ₹700 से ₹1000 तक के अच्छे गेस्टहाउस या छोटे होटल आसानी से मिल जाते हैं। खाना भी काफी सस्ता और स्वादिष्ट है। लोकल ढाबों में राजमा-चावल, परांठे और गरम सूप का स्वाद आपकी ठंड को और मीठा बना देता है। दिल्ली या चंडीगढ़ से बस लेकर कुछ घंटों में यहां पहुंचा जा सकता है। सर्दियों की ठंड में कसौली के पहाड़ों पर टहलना और धुंध के बीच खो जाना, जिंदगी की सबसे सुकून भरी यादों में से एक हो सकती है।(5 बजट फ्रेंडली हिल स्टेशन आपकी ट्रैवल लिस्ट में जरूर होने चाहिए।)

कसौली

लैंसडाउन, सस्ता, शांत और बेहद खूबसूरत

अगर आप भीड़भाड़ से दूर, नेचर की गोद में कुछ दिन बसना चाहते हैं, तो लैंसडाउन आपके लिए सबसे सही जगह है। यह उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में बसा छोटा हिल स्टेशन है, जिसे ब्रिटिश काल में बनाया गया था। यहां की हवा में सादगी है और पहाड़ों में अपनापन। सर्दियों में लैंसडाउन का तापमान 3 से 8 डिग्री के बीच रहता है। कभी-कभी हल्की बर्फबारी भी होती है जो इस जगह को और मनमोहक बना देती है। घूमने के लिए यहां भुल्ला झील, टिप-इन-टॉप व्यू पॉइंट, सेंट मेरी चर्च, और गढ़वाल रेजीमेंट म्यूजियम हैं।800 से ₹1200 के बजट में यहां बढ़िया होटल और होमस्टे मिल जाते हैं। यहां का लोकल खाना बहुत स्वादिष्ट और सस्ता होता है। ₹100 से ₹150 में आप पेटभर पहाड़ी खाना खा सकते हैं। दिल्ली से यह जगह सिर्फ 250 किलोमीटर दूर है और बस या कार से पहुंचना बहुत आसान है। लैंसडाउन उन यात्रियों के लिए परफेक्ट है जो शांत जगह पर बैठकर पहाड़ों की ठंडी हवा के साथ अपने विचारों में खो जाना चाहते हैं

लैंसडाउन

माउंट आबू, राजस्थान की ठंडी गोद में एक अनोखी सैर

राजस्थान अपने रेगिस्तानों और गर्म मौसम के लिए मशहूर है, लेकिन माउंट आबू इस सोच को पूरी तरह बदल देता है। अरावली की पहाड़ियों में बसा यह हिल स्टेशन सर्दियों में बेहद खूबसूरत हो जाता है। यहां दिन में हल्की धूप और रात में ठंडी हवाएं सर्दियों का असली एहसास कराती हैं। घूमने के लिए नक्की लेक, दिलवाड़ामंदिर, टॉड रॉक, और सूर्यास्त पॉइंट देखने लायक हैं। झील के किनारे शाम को टहलना या बोटिंग करना बहुत सुकून देता है। दिसंबर से फरवरी तक यहां का तापमान 8 से 15 डिग्री तक रहता है। ₹900 से ₹1300 तक के होटल आराम से मिल जाते हैं। अगर आप ग्रुप में जाते हैं, तो होमस्टे या हॉस्टल में रुकना और सस्ता पड़ सकता है। लोकल फूड बहुत ही स्वादिष्ट और जेब पर हल्का है। राजस्थान की पारंपरिक डिशेज़ जैसे दाल-बाटी और मिर्ची वड़ा यहां के ढाबों में खूब मिलते हैं। माउंट आबू रोड स्टेशन तक ट्रेन से पहुंचना आसान है, वहां से टैक्सी या बस लेकर 30 मिनट में आप इस खूबसूरत जगह पर पहुंच सकते हैं। यकीनन सर्दियों में माउंट आबू आपको ठंड के साथ-साथ गर्मजोशी का अनुभव भी कराएगा।

माउंट आबू

बर्फ, बौद्ध और बजट ट्रैवल का संगम, मैकलोडगंज

हिमाचल प्रदेश में धर्मशाला के पास बसा मैकलोडगंज एक ऐसा हिल स्टेशन है जहां संस्कृति और नेचर को एक साथ लुत्फ उठाया जा सकता है। इसे लिटिल ल्हासा भी कहा जाता है क्योंकि यहां तिब्बती संस्कृति का असर हर कोने में है। सर्दियों में यहां का तापमान 2 से 8 डिग्री तक रहता है। दिसंबर और जनवरी में बर्फबारी से पूरा शहर सफेद चादर में ढक जाता है। घूमने के लिए नामग्याल मठ, भागसू वाटरफॉल, तिब्बतन मार्केट, और दलाई लामा मंदिर हैं। ₹600 से ₹1000 के बजट में होटल और होमस्टे आसानी से मिल जाते हैं। खाने के लिए यहां तिब्बती व्यंजन जैसे मोमोज, थुकपा और बटर टी का स्वाद लाजवाब होता है। लोकल कैफे और छोटी दुकानों में खाना बहुत सस्ता और स्वादिष्ट मिलता है। दिल्ली या चंडीगढ़ से धर्मशाला तक बसें और वहां से टैक्सी या लोकल बस लेकर मैकलोडगंज पहुंच सकते हैं। यहां के लोग बहुत मेहमाननवाज़ हैं और जगह का माहौल दिल को शांति देता है। अगर आप ठंड में बर्फ का मज़ा लेना चाहते हैं तो यह जगह एकदम परफेक्ट है।

मैकलोडगंज

येरकौड, दक्षिण भारत का ठंडा और सस्ता हिल स्टेशन

अगर आप साउथ इंडिया में रहते हैं और सर्दियों में किसी सस्ती हिल स्टेशन की तलाश में हैं, तो येरकौड आपके लिए सबसे अच्छा विकल्प है। तमिलनाडु के शेरवरॉय हिल्स में बसा यह छोटा लेकिन खूबसूरत हिल स्टेशन मिनी ऊटी के नाम से जाना जाता है। यहां का मौसम सालभर ठंडा और सुहाना रहता है, लेकिन दिसंबर से फरवरी के बीच यहां घूमने का मज़ा और बढ़ जाता है। घूमने के लिए येरकौड लेक, लेडीज़ सीट व्यू पॉइंट, सेवेरायन मंदिर, और डियर पार्क बढ़िया जगहें हैं। ₹700 से ₹1200 के बजट में यहां होटल और होमस्टे मिल जाते हैं। लोकल साउथ इंडियन खाना बहुत स्वादिष्ट और किफायती होता है। इडली, डोसा, सांभर के साथ यहां की फिल्टर कॉफी ठंड में शरीर को गरम रखती है। बेंगलुरु या सलेम से बस और ट्रेन की सीधी सुविधा उपलब्ध है। येरकौड उन लोगों के लिए परफेक्ट है जो कम खर्च में साउथ इंडिया की ठंडी पहाड़ियों का आनंद लेना चाहते हैं। हरियाली, शांति और सुगंधित कॉफी के बीच बिताया गया वक्त यहां हमेशा याद रहेगा।

येरकौड,

सर्दियों की यादें कम खर्च में बड़ा अनुभव

सर्दियों में पहाड़ों की सैर करना सिर्फ ठंड का मज़ा लेना नहीं, बल्कि जीवन का एक सुंदर अनुभव है। ठंड में जब सूरज की हल्की किरणें पहाड़ियों को छूती हैं और हवा में धुंध तैरती है, तो लगता है जैसे वक्त ठहर गया हो। कसौली की सादगी, लैंसडाउन की शांति, माउंट आबू का रोमांच, मैकलोडगंज की संस्कृति और येरकौड की हरियाली हर जगह का अपना रंग है, अपनी कहानी है। इन सभी जगहों पर जाने के लिए आपको बड़ी रकम की ज़रूरत नहीं है। बस थोड़ा सा मन, एक बैग और एक मुस्कान चाहिए। भारत का हर पहाड़ी इलाका अपनी खूबसूरती में अनोखा है। अगर आप सर्दियों में कुछ नया महसूस करना चाहते हैं तो इनमें से किसी एक हिल स्टेशन का रुख कीजिए। यकीन मानिए, ये जगहें आपके दिल में ऐसी जगह बना लेंगी कि आप बार-बार लौटना चाहेंगे।

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