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Top 6 Amazing & Most Famous Museums of India

इतिहास में रुचि रखने वाले हर व्यक्ति की खोज म्यूजियम पर आकर ठहर जाती है, क्योंकि म्यूजियम एक ऐसा जगह होता है जहां सालों के सभ्यताओं और इतिहास को एक ही बार में समझा और जिया जा सकता है।

अगर आपकी भी रुचि इतिहास में है और आप भी म्यूजियम जाना पसंद करते हैं तो यह ब्लॉग आपके लिए ही है। क्योंकि यहां हम आपको बताने वाले हैं देश के कुछ बेहतरीन म्यूजियम्स के बारे में। आइए जानते हैं देश के उन म्यूजियम के बारे में जहां ना सिर्फ भारत के बल्कि संसार के इतिहास से जुड़े हुए वस्तुओं को भी देखा और समझा जा सकता है।

1. राष्ट्रीय संग्रहालय दिल्ली (National Museum Delhi) :

राजधानी दिल्ली में स्थित इस संग्रहालय के स्थापना की नींव आजादी से पहले ही रखी गई थी। इस म्यूजियम का उद्घाटन 15 अगस्त 1949 को भारत के गवर्नर जनरल श्री आरसी राजगोपालाचारी ने राष्ट्रपति भवन में किया था।

12 मई 1955 को भारत के प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने इसके नए भवन की आधारशिला रखी। इस संग्रहालय में आकर भारत के समृद्धि इतिहास को बहुत अच्छे तरीके से समझा जा सकता है। यहां कई तरह की ऐतिहासिक वस्तुओं का संग्रह किया गया है। जिनमें कुछ भारतीय तो कुछ विदेशों से लाई गयी वस्तुएँ हैं। यहां लगभग 2,00,000 एंटीक चीजों का कलेक्शन किया गया है। जो अपने आप में हीं एक बहुत बड़ी संख्या है।

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2. नेशनल रेल म्यूजियम दिल्ली (National rail museum Delhi) :

यह म्यूजियम दिल्ली में स्थित है और पूरी तरह से भारतीय रेलवे को समर्पित है। इस म्यूजियम की खास बात यह है कि यहां जाकर आप भारतीय रेलवे के इतिहास को बहुत ही अच्छी तरीके से समझ पाएंगे। यह रेल म्यूजियम करीब 11 एकड़ से अधिक जगह पर फैला हुआ है और भारत के 166 वर्षों के गौरवशाली यात्रा को अपने आप में सहेजे हुए है।

इस म्यूजियम में भाप से चलने वाले इंजन से लेकर अत्याधुनिक इंजन तक की यात्रा को सहेज कर रखा गया है।
यहां आपको भाप, डीजल और इलेक्ट्रिक इंजनों के साथ-साथ वैगन, गाड़ियां, बख्तरबंद ट्रेनें आदि का संग्रह देखने को मिल जाएगा।
यहां आप टॉय ट्रेन की सवारी भी कर सकते हैं। साथ ही 3D वर्चुअल कोच, डीजल और स्टीम इंजन के कोच में सैर करने के साथ-साथ हाल ही में बने रेल रेस्टोरेंट में लंच का भी आनंद ले सकते हैं।

3. सालार जंग म्यूजियम हैदराबाद (Salar jung museum Hyderabad) :
सालार जंग म्युजियम एक कला संग्रहालय (Art Museum) है जो कि हैदराबाद में स्थित है। इस म्यूजियम का उद्घाटन 16 दिसंबर 1951 को हुआ था।
यह भारत के सबसे समृद्ध संग्रहालय में से एक है और यहां मुख्यतः सालारजंग परिवार का एक निजी कला संग्रह किया गया है। इसमें फारसी, जापानी, नेपाली, चीनी, एवं उत्तरी अमेरिका और यूरोप से लाई गई मूर्तियों, पेंटिंग्स, नक्काशी किए गए वस्तुओं और पांडुलिपियों का संग्रह किया गया है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि यह म्यूजियम दुनिया के सबसे बड़े संग्रहालयओं की सूची में भी शामिल है।

4. गवर्नमेंट म्यूजियम चेन्नई (Government Museum Chennai) :

चेन्नई का यह गवर्नमेंट म्यूजियम एक आर्ट म्यूजियम है और यह भारत का दूसरा सबसे पुराना म्यूजियम है। इसकी शुरुआत 1851 ईसवी में हुई थी। इस म्यूजियम का मुख्य आकर्षण यहाँ की पुरातत्विक और शास्त्रीय वस्तुओं का कलेक्शन है। बताया जाता है कि यूरोप के बाहर यह दुनिया का सबसे बड़ा पुरातात्विक अवशेषों का संग्रह है। इस म्यूजियम में जाकर आप मनुष्यों के इतिहास और उनके विकास के बारे में काफी कुछ जान सकते हैं।

यहां कई सारी दुर्लभ पेंटिंग्स भी रखी गई हैं। जिन्हें ना सिर्फ़ एशिया बल्कि यूरोप के देशों से भी लाया गया है। इस म्यूजियम को फिलहाल भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा चलाया जाता है। यहां कई सारी मूर्तियां ऐसी भी हैं जो 500 से 1000 ईसा पूर्व की हैं। इसी बात से पता चलता है कि यह म्यूजियम कितना विशाल और ज्ञानवर्धक है। अगर आपको भी कभी चेन्नई जाने का मौका मिले तो आप इस म्यूजियम को एक बार विजिट कर सकते हैं। यह आपके लिए टोटली वर्थ इट होगा।

5. द कैलिको म्यूजियम आफ टैक्सटाइल्स अहमदाबाद ( The Calico museum of textiles Ahmedabad) :

आपको शायद यह जानकर हैरानी होगी कि हमारे भारत में कपड़ों का भी एक म्यूजियम है, जोकि अहमदाबाद में स्थित है। म्यूजियम का नाम द कैलिको म्यूजियम ऑफ टैक्सटाइल्स है, जोकि साराभाई फाउंडेशन के द्वारा चलाया जाता है। यह भारत का सबसे प्रमुख टैक्सटाइल म्यूजियम है। यहां के भारतीय कपड़ों के संग्रह को दुनिया में बेहतरीन और वाइड माना जाता है। यहां आपको कपड़ों के साथ-साथ साराभाई फाउंडेशन के दक्षिण भारतीय कला और जैन कलाओं के लघु चित्रों के संग्रहों के बारे में भी जानने को मिलेगा।

इस संग्रहालय की स्थापना गौतम साराभाई और गिरा साराभाई द्वारा किया गया था। उस समय अहमदाबाद कपड़ा उद्योग का केंद्र था। यह संग्रहालय मूल रूप से कपड़ा उद्योग के एक कैलिको मिल्स में लगाया गया था। लेकिन धीरे-धीरे यह संग्रह बढ़ता गया। वर्ष 1983 में शाहीबाग के साराभाई हाउस में इस म्यूजियम को ट्रांसफर कर दिया गया।

6. छत्रपति शिवाजी महाराज संग्रहालय मुंबई ( Chhatrapati shivaji maharaj Museum Mumbai) :
छत्रपति शिवाजी महाराज संग्रहालय का पुराना नाम प्रिंस ऑफ वेल्स संग्रहालय है। जो कि मुंबई में स्थित है। इसमें प्राचीन से लेकर आधुनिक भारत तक की यात्रा को बहुत ही आसानी से देखा और समझा जा सकता है। इसकी स्थापना ब्रिटिश शासन के दौरान ही हुई थी। बताया जाता है कि इसे प्रिंस ऑफ वेल्स के भारत यात्रा के याद में बनवाया गया था।

यह संग्रहालय गेटवे ऑफ इंडिया के पास ही है और यहां लगभग 50000 से भी ज्यादा कलाकृतियों को सहेज कर रखा गया है। 1998 में इस म्यूजियम का नाम बदलकर मराठा साम्राज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम पर रख दिया गया था। यहां आपको मुगल, मराठा और जैन शैली की वास्तुकलाओं (architecture) का संग्रह देखने को मिल जायेगा।

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